कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नौगढ़ में छात्राओं से अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप, आक्रोश

 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नौगढ़ में छात्राओं से अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप, आक्रोश





(रिपोर्ट - मदन मोहन/नौगढ़/चंदौली)



नौगढ तहसील क्षेत्र के वृंदावन स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनुशासन के नाम पर छात्राओं के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका  पर छात्राओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है।

विद्यालय की छात्राओं ने आरोप लगाया है कि छोटी-छोटी बातों पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। आरोप है कि मैडम स्नेहा  सिंह न केवल उनके साथ मारपीट करती हैं, बल्कि अमर्यादित शब्दों का प्रयोग भी करती और  बच्चियों से पानी भरवाती हैं छात्रा जोहरा ने बताई मैडम रात को बुलाती हैं और अपना सिर दबाने के लिए कहती हैं जब कल मेरा पेट दर्द कर रहा था तो मैं उनको साफ मना किया तो भला बुरा कहने लगी यह प्रक्रिया लगभग सभी बच्चियों के साथ हो रहा है। जिससे छात्राएं डरी-सहमी हुई हैं। आवासीय विद्यालय होने के कारण छात्राओं की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर इसका गहरा असर पड़ रहा है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष रामचंद्र राव ने बताया कि इस कृत्य की हम घोर निंदा करते हैं मैं अपने टीम के साथ बच्चियों के अभिभावकों से मिलकर इस विषय पर चर्चा करेंगे और शासन प्रशासन से अपनी मांग रखी जाएगी और शिक्षिका स्नेहा सिंह द्वारा किया गया कृत्य सत्य साबित होता है तो उच्च अधिकारियों तक हम अपनी आवाज उठाएंगे, कस्तूरबा विद्यालय की प्रभारी वार्डन ममता राठौर ने भी अपने वक्तव्य में कहा कि बच्चियों को अनावश्यक परेशान करती हैं किसी की बात नहीं मानती हैं विरोध करने पर हम लोगों से भी मारपीट करने के लिए उतारू हो जाती हैं, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सरकार एक तरफ 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और 'मिशन शक्ति' जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही बालिकाओं का शोषण कर रहे हैं।

इस मामले में स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिलाधिकारी तत्काल संज्ञान लेकर मामले की निष्पक्ष जांच कराएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षिका के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ और उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। हालांकि इस प्रकरण में उपजिलाधिकारी नौगढ़ के द्वारा अभी तक कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है तथा मौके पर एक दिन पूर्व थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार यादव मौके पर गए थे और समझा बूझकर आए थे किंतु इस समस्या पर उनका भी कोई वक्तव्य नहीं आया है। हालांकि हमारा चैनल इस चीज की पुष्टि नहीं करता लेकिन पूरा मामला जांच का विषय है। 

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